Wednesday, August 14, 2019

Computer Intoduction in Hindi


























कंप्यूटर शब्द लेटिन के “Compute” शब्द से बना है जिसका अर्थ होता हैं “गणना” और “Computer” शब्द का अर्थ होता हैं “गणना करने वाला मशीन” |

                          Compute – गणना,  Computer – गणना करने वाला मशीन |

* Computer को हिंदी में गणक या संगणक भी कहते हैं और अंग्रेजी में Calculating Machine कहते हैं |

* कंप्यूटर का जनक “चार्ल्स बैबेज” को कहा जाता है क्योंकि, इनका कंप्यूटर के अविष्कार में सर्वाधिक योगदान है | इन्होंने ही सबसे पहले एनालिटिकल इन्जीन का अविष्कार किया था | जिसके आधार पर आज भी कंप्यूटर बनाये जाते हैं |

* पहला कंप्यूटर का नाम “अबेकस” था जो 1840 ईo में चीन में बना था, जिसे चीन के वैज्ञानिकों के द्वारा बनाया गया था | यह लकड़ी का बना होता था और इसका प्रयोग केवल कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता था |

* कंप्यूटर का फुल फॉर्म :-

C

Computer

U

Used For

O

Operating

T

Technical And

M

Machine

E

Educational

P

Particularly

R

Research


                          कंप्यूटर एक ऐसा ऑपरेटिंग मशीन हैं जिसका प्रयोग आमतौर पर तकनिकी और शैक्षणिक अनुसंधान के लिए किया जाता हैं |
                                 दोस्तों, पुराने जमाने में, लोगों को कैलकुलेशन करने में बहुत समस्या होती थी, जिसके वजह से उन्होंने कंप्यूटर का अविष्कार किया था जो केवल कैलकुलेशन करने के लिए प्रयोग किया जाता था | लेकिन, आजकल कंप्यूटर का प्रयोग केवल कैलकुलेशन करने के लिए ही नहीं बल्कि बहुत सारे क्षेत्रों जैसे :- टेकनिकल और एजुकेसनल रिसर्च में, बैंकों में, कार्यालयों में, शैक्षणिक संस्थानों में, घरों में, दुकानों में, टिकट बुकिंग करने में, डॉक्यूमेंट बनाने में, गेम खेलने में, ऑडियो और विडियो देखने और सुनने में, ई-मेल आदि में किया जा रहा हैं | 

* कंप्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो यूजर के द्वारा दिये गये डाटा को इनपुट के रूप में लेता है, उस पर प्रोसेस करता है और रिजल्ट को आउटपुट के रूप में हमें प्रदान करता है |

* User किसे कहते हैं ?

जैसा की दोस्तों, आपको पता है की कंप्यूटर अपने आप नहीं चलता हैं | कंप्यूटर को चलाने के लिए किसी व्यक्ति की जरुरत होती है, जो व्यक्ति कंप्यूटर को चलाता हैं यानी कंप्यूटर को हैंडल करता हैं उसे यूजर कहते हैं |

* डाटा क्या हैं ?

कंप्यूटर पर काम करने के लिए यूजर के द्वारा जो भी इनपुट दिया जाता हैं चाहे वो digits, letter, symbol, picture, special characters, control keys या Function keys हो उसे डाटा कहते हैं |

* इनपुट क्या हैं ?

कंप्यूटर साइंस में, इनपुट का मतलब कंप्यूटर को डाटा या निर्देश देना होता हैं यानी कंप्यूटर पर कोई भी काम करने के लिए, उस काम से संबंधित कंप्यूटर को जो भी डाटा या निर्देश दिया जाता हैं उसे कंप्यूटर की भाषा में इनपुट कहा जाता हैं |

* Input Device क्या हैं ?

कंप्यूटर से कनेक्टेड वह डिवाइस जो कंप्यूटर को डाटा या निर्देश देने के लिए प्रयोग में लाया जाता हैं उसे इनपुट डिवाइस कहा जाता हैं जैसे :- कीबोर्ड और माउस |

कीबोर्ड  

कीबोर्ड एक इनपुट डिवाइस हैं जिसका प्रयोग कंप्यूटर को डाटा या निर्देश देने के लिए किया जाता हैं | इसका प्रयोग text लिखने, कंप्यूटर को control करने और data entry आदि का काम करने के लिए किया जाता हैं |                               
                            इसमें 100 से अधिक keys होती हैं | जिसमे Function keys, Numeric keys, Typing Keys, Control Keys और Navigation keys होती हैं |

माउस

माउस भी एक इनपुट डिवाइस हैं | इसे हम pointing device के नाम से भी जानते हैं क्योंकि इसका प्रयोग किसी भी item को point करने के लिए किया जाता हैं | इसका प्रयोग कंप्यूटर के डेस्कटॉप पर उपलब्ध किसी भी icon को ड्रैग करने, मूव करने, सेलेक्ट करने, खोलने और बन्द करने के लिए किया जाता हैं |

माउस में तीन प्रकार के बटन होते हैं :-

  1.      Left Button
  2.      Right Button
  3.      Scroll Button   

आउटपुट     
                   
कंप्यूटर साइंस में, आउटपुट का मतलब होता हैं रिजल्ट का प्राप्त होना | यानी कंप्यूटर को दिये गये डाटा और निर्देश प्रोसेस होने के बाद जब उसका रिजल्ट प्राप्त होता हैं तो उसे कंप्यूटर की भाषा में आउटपुट के नाम से जानते हैं |

आउटपुट डिवाइस

कंप्यूटर को दिये गये डाटा और निर्देश प्रोसेस होने के बाद उसका रिजल्ट जिस डिवाइस पर प्राप्त होता हैं, उसे हम आउटपुट डिवाइस के नाम से जानते हैं |
जैसे :- मॉनिटर, प्रिन्टर, स्पीकर आदि |

* कंप्यूटर काम कैसे करता हैं ?

दोस्तों, सबसे पहले मैं आपको ये बता दूँ की कंप्यूटर खुद से काम नहीं करता हैं | कंप्यूटर से काम करवाया जाता हैं | कंप्यूटर वही काम करता हैं जो हम उसे करने को कहते हैं | कंप्यूटर से काम करवाने के लिए हम उसे डाटा या निर्देश देते हैं जिसके अनुसार से वह काम करता हैं | यदि कंप्यूटर को गलत डाटा या निर्देश देते हैं तो उसका रिजल्ट भी हमें गलत ही प्राप्त होता हैं | तो यह सब आप पर निर्भर करता हैं की आप कंप्यूटर से किस प्रकार का काम करवाना चाहते हैं यदि आप कंप्यूटर को सही इनपुट देते हैं तो उसका रिजल्ट भी आपको सही ही मिलता हैं |
 वैसे दोस्तों, मैं आपको बता दूँ की कंप्यूटर हमेशा सही काम करता हैं वह कभी भी गलत परिणाम या इनफार्मेशन नहीं देता हैं | यदि आपका कंप्यूटर गलत परिणाम या इनफार्मेशन देता हैं तो इसमे आपका गलत डाटा या इनफार्मेशन इनपुट का हो सकता हैं या सिस्टम में खराबी होने की वजह से हो सकता हैं या सॉफ्टवेर जो प्रोग्रामर द्वारा तैयार किया जाता हैं उसके कोडिंग में गड़बड़ी की वजह से हो सकता हैं या हार्डवेयर के किसी part में खराबी होने की वजह से हो सकता हैं | इसके लिए कंप्यूटर को गलत ठहराना सही नहीं हैं क्योंकि, कंप्यूटर तो बहुत लोगों के पास हैं जो सही काम करता हैं |  
                                                         
दोस्तों, मैंने पहले आपको बताया था की कंप्यूटर को डाटा या निर्देश दिया जाता हैं जिसके अनुसार से वह काम करता हैं | कंप्यूटर खुद से काम नहीं करता हैं तो अब बात यह हैं की कंप्यूटर को जो डाटा या निर्देश दिया जाता हैं | वह कैसे दिया जाता हैं लिखकर दिया जाता हैं या बोलकर दिया जाता हैं |
                         तो चलिए, दोस्तों, अब हम इसके बारें में विस्तार से जानते हैं | कंप्यूटर को जो डाटा दिया जाता हैं वह इनपुट डिवाइस के माध्यम से दिया जाता हैं | कंप्यूटर को जो व्यक्ति चलाता हैं उसे हम यूजर कहते हैं | यूजर इनपुट डिवाइस जैसे :- कीबोर्ड और माउस के माध्यम से कंप्यूटर को डाटा या निर्देश देता हैं जो कंप्यूटर के CPU (Central Processing Unit) में जाता हैं और वहां processing होने के बाद जो रिजल्ट मिलता हैं उसे आउटपुट के रूप में कंप्यूटर के मॉनिटर पर show किया जाता हैं |

                          इस तरह से कंप्यूटर काम करता हैं | चलिए, इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं | मान लीजिये की हमें कंप्यूटर से कैलकुलेशन करवाना हैं और हमने कीबोर्ड से टाइप किया 4+5+9 अब जैसे ही यह डाटा कंप्यूटर को प्राप्त होगा | वह उसे CPU में भेजेगा और CPU उस डाटा को प्रोसेस करेगा | उसे जैसे ही + वाला सिग्न मिलेगा उसे पता चल जायेगा की इस डाटा को add करना हैं वह addition वाला प्रोग्राम लगायेगा (जो कंप्यूटर में पहले से ही डाले गये होते हैं ) और जैसे ही रिजल्ट मिलेगा 4+5+9 = 18 वह उसे आउटपुट डिवाइस जैसे :- मॉनिटर के माध्यम से 4+5+9 = 18 शो करा देगा |
                          दोस्तों, जैसे मैथमेटिक्स के किसी भी क्वेश्चन को solve करने के लिए उससे रिलेटेड फार्मूला का इस्तेमाल करते हैं और रिजल्ट निकल कर आ जाता हैं | वैसे ही कंप्यूटर में हर पर्टिकुलर काम के लिए अलग –अलग सॉफ्टवेर डाले जाते हैं | बिना सॉफ्टवेर के कंप्यूटर पर कोई भी काम नहीं किया जा सकता हैं | सॉफ्टवेर जो प्रोग्रामर द्वारा तैयार किया जाता हैं |

Monday, August 12, 2019

कंप्यूटर को चलाते कैसे हैं ?


दोस्तों, आज हम इस पोस्ट में आपको बताने जा रहे हैं की कंप्यूटर को कैसे चलाते हैं |
                           इसके लिए हम सबसे पहले कंप्यूटर के पॉवर स्वीच को ऑन करते हैं और पॉवर स्वीच ऑन होने के बाद उसे बूटिंग के लिए छोड़ देते हैं | बूटिंग ख़त्म होने के बाद कंप्यूटर में जो स्क्रीन दिखाई देता हैं उसे हम डेस्कटॉप कहते हैं | 



डेस्कटॉप पर आपको एक तीर जैसा आकृति दिखाई देगा जिसे हम कर्सर कहते हैं | यह कर्सर माउस से ऑपरेट होता हैं | इसी कारण इसे हम माउस का कर्सर भी कहते हैं | माउस को हम जिस डायरेक्शन में ले जाते हैं कर्सर भी उसी डायरेक्शन में जाता हैं | कंप्यूटर को ऑपरेट करने में माउस का मेजर रोल होता हैं | वैसे तो हम कंप्यूटर को कीबोर्ड से भी ऑपरेट कर सकते हैं | लेकिन बहुत सारे लोगों को कीबोर्ड के तुलना में माउस से ऑपरेट करना ज्यादा आसान लगता हैं | यदि आप नये यूजर हैं तो आपको माउस पकड़ने में और उसे ऑपरेट करने में थोड़ी परेशानी होगी | लेकिन, धीरे-धीरे आप सबकुछ सिख जायेंगे | इसके लिए आपको धैर्य रखना होगा | 

दोस्तों, माउस में तीन बटन होता हैं लेफ्ट, राईट और स्क्रॉल | जिसमे ज्यादातर काम लेफ्ट बटन का होता हैं | इसलिए, आप स्योर हो जायें की जहाँ भी आपको क्लिक करना हैं वो लेफ्ट बटन हिं क्लिक करना हैं यानी लेफ्ट बटन को उँगली से दबाना हैं / प्रेस करना हैं जो माउस के लेफ्ट साइड में रहता हैं | दोस्तों, आपको जितना जल्दी माउस पे कंट्रोल होगा उतना जल्दी आप कंप्यूटर को आसानी से ऑपरेट करना सिख जायेंगे | इसके लिए आप बार – बार जीतनी बार हो सकें सॉफ्टवेयर को ओपन करें और उसे close करें, विडियो प्ले करें, म्यूजिक प्ले करें, पिक्चर को ओपन करें, कंप्यूटर को बार-बार रिफ्रेश करें |
डेस्कटॉप पर राईट साइड में आपको कुछ सॉफ्टवेयर के आइकॉन दिखाई देते हैं जैसे :- This PC, Recycle Bin, Vlc Media Player आदि |
                            डेस्कटॉप पर उपस्थित किसी भी icon को ओपन करने के लिए उस icon पर माउस का लेफ्ट बटन दो बार तेजी से क्लिक करते हैं तो वह icon ओपन हो जाता हैं |
                      किसी भी सॉफ्टवेयर को जब हम open करते हैं, तो उस ओपन सॉफ्टवेयर के राईट साइड में सबसे ऊपर तीन बटन दिखाई देता हैं :-



  1.       Minimize
  2.       Maximize/Restore Down
  3.       Close
1. जिसमे पहला बटन minimize का होता हैं जिसपर माउस का लेफ्ट बटन एक बार क्लिक करके उस सॉफ्टवेयर को minimize कर सकते हैं | minimize करने के बाद हमारा सॉफ्टवेयर टास्कबार में आ जाता हैं | फिर उसे ओपन करने के लिए उस सॉफ्टवेयर के आइकॉन पर माउस का लेफ्ट बटन एक बार क्लिक करते हैं |

2. minimize के बाद जो दूसरा बटन होता हैं उसमे दो बटन काम करता हैं | पहला maximize और दूसरा restore down | जब विन्डो अपने full screen में रहता हैं तो वह maximize रहता हैं और उस वक्त जब माउस का कर्सर उस बटन के पास ले जाते हैं तो restore down हाईलाईट हुआ दीखता हैं और उसपर माउस का लेफ्ट बटन एक बार क्लिक करने पर विन्डो normal size में आ जाता हैं यानी विन्डो restore down हो जाता हैं | जब विन्डो restore down रहता हैं तो उस वक्त माउस का कर्सर दुसरे बटन पर ले जाने पर maximize हाईलाईट हुआ दिखता हैं और उसपर माउस का लेफ्ट बटन एक बार क्लिक करने पर विन्डो premaximize यानी फिर से maximize हो जाता हैं | फिर से full screen / full size में आ जाता हैं |  
                                           इस तरह से Maximize / Restore Down बटन काम करता हैं |

3. तीसरा बटन close का होता हैं | जिसपर माउस का लेफ्ट बटन एक बार क्लिक करके उस ओपन सॉफ्टवेयर या विन्डो को एक बार में close कर सकते हैं |

    


basic spoken english

  अंग्रेजी   बोलचाल   सीखने   के   लिए   अंग्रेजी   में   अभिवादन   का   होना   आवश्यक   है   |  हम   दिन   के   समय   या   किसी   अन्य   सम...